नक्षत्र 17 / 27 · लाहिड़ी निरयन
अनुराधा नक्षत्र
अनुराधा 27 नक्षत्रों में क्रम 17 पर है और निरयन राशिचक्र में वृश्चिक 3°20′ से 16°40′ तक फैला है। इसके स्वामी शनि हैं, देवता मित्र — मैत्री के देव, प्रतीक कमल और योनि का पशु हिरण।

एक नज़र में
- विस्तार (निरयन)
- वृश्चिक 3°20′ से 16°40′ तक
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
- स्वामी ग्रह
- शनि · विंशोत्तरी दशा 19 वर्ष
- देवता
- मित्र — मैत्री के देव
- प्रतीक
- कमल
- गण
- देव
- योनि (पशु)
- हिरण (स्वाभाविक शत्रु: श्वान)
- नाड़ी
- मध्य
अनुराधा कैसा है
अनुराधा, ‘राधा के पीछे’ या ‘सफलता पर सफलता’, मित्रता और समर्पित परिश्रम का नक्षत्र है। देवता मित्र हैं, मैत्री और अनुबंध के देव, और स्वामी शनि, इसलिए निष्ठा अनुशासन के साथ जुड़ी है। कमल, इसका प्रतीक, कीचड़ में उगता है और स्वच्छ प्रकाश में खिलता है। यह पूरी तरह वृश्चिक में है।
जब चंद्रमा अनुराधा में हो
चंद्रमा यहाँ हो तो आप निष्ठावान, व्यवस्थित और लोगों को एक कार्य-समूह में जोड़ने में कुशल हैं। आप जन्म-स्थान से दूर, किसी दूसरे शहर या देश में, अच्छा कर सकते हैं और अक्सर मित्रों का बड़ा दायरा बनाते हैं। केवल सहारा बनना नहीं, ख़ुद सहारा लेना भी सीख है।
संक्षेप में: वफ़ादार मित्र और शांत आयोजक — कठिन जगहों में भी आप कमल की तरह खिलते हैं। विकास की एक उपयोगी दिशा: केवल सहारा बनने के बजाय ख़ुद को भी सहारा लेने देना।
शनि अनुराधा के स्वामी हैं, इसलिए यहाँ चंद्रमा होने पर जन्म शनि महादशा में होता है, जो कुल 19 वर्ष की है। उसमें कितनी शेष है, यह इस पर निर्भर है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था। इसके बाद विंशोत्तरी क्रम बुध की महादशा पर जाता है।
देवता और प्रतीक
वेदों में मित्र मैत्री, शपथ और दिवस-प्रकाश के देव हैं, जो वरुण के साथ व्यवस्था को थामे रखते हैं। कमल कठिन जगहों में खिलने वाले सौंदर्य का पुराना प्रतीक है।
अनुराधा का प्रतीक कमल है और इसके देवता मित्र — मैत्री के देव हैं।
चरण और नवांश राशियाँ
हर नक्षत्र के चार चरण हैं, प्रत्येक 3°20′ का, यानी राशि का नौवाँ भाग। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में था, वही उसकी नवांश (D9) राशि देता है। अनुराधा के चारों चरण ये हैं:
| चरण | अंश | चंद्र राशि | नवांश |
|---|---|---|---|
| 1 | 3°20′ – 6°40′ | वृश्चिक | सिंह |
| 2 | 6°40′ – 10°00′ | वृश्चिक | कन्या |
| 3 | 10°00′ – 13°20′ | वृश्चिक | तुला |
| 4 | 13°20′ – 16°40′ | वृश्चिक | वृश्चिक |
इस प्रकार अनुराधा का पहला चरण सिंह नवांश में और अंतिम वृश्चिक नवांश में पड़ता है।
कुंडली मिलान में अनुराधा
साथी के रूप में अनुराधा स्थिर, समर्पित और मित्रवत है, और मित्रता को उतना ही मान देती है जितना प्रेम को।
अष्टकूट मिलान में अनुराधा हिरण योनि, देव गण और मध्य नाड़ी लाता है। योनि कूट (4 अंक) में दोनों का पशु एक हो तो पूरे अंक और पशु स्वाभाविक शत्रु हों तो शून्य; हिरण का स्वाभाविक शत्रु श्वान है। नाड़ी कूट (8 अंक) में दोनों की नाड़ी एक हो तो 0 अंक। ये एक ही तुलना के अंग हैं, किसी जोड़े पर निर्णय नहीं।
लोग अक्सर पूछते हैं
अनुराधा नक्षत्र किस राशि में पड़ता है?
अनुराधा पूरी तरह वृश्चिक में है, वृश्चिक 3°20′ से 16°40′ तक। इसलिए अनुराधा में चंद्रमा हमेशा वृश्चिक का चंद्रमा होता है।
अनुराधा का स्वामी कौन है और यह कौन-सी दशा आरंभ करता है?
अनुराधा के स्वामी शनि हैं। जिसका जन्म चंद्रमा के अनुराधा में होने पर हुआ हो उसकी विंशोत्तरी दशा शनि महादशा (कुल 19 वर्ष) से, जन्म पर बची शेष अवधि गिनकर, आरंभ होती है और फिर बुध पर जाती है।
अनुराधा की योनि क्या है और कुंडली मिलान में इसका क्या अर्थ है?
अनुराधा की योनि हिरण है, जो ज्येष्ठा के साथ साझा है। योनि कूट में दोनों साथियों का पशु एक हो तो 4 में से 4 अंक मिलते हैं और स्वाभाविक शत्रु (हिरण और श्वान) हों तो 0; बाकी जोड़ियाँ 1 से 3 के बीच। शास्त्रों में योनि दो व्यक्तियों के बीच सहज प्रवृत्ति और शारीरिक सामंजस्य की बात करती है; यह आठ कूटों में से एक है।
अनुराधा अच्छा नक्षत्र है या बुरा?
अनुराधा न तो अच्छा है न बुरा। शास्त्र नक्षत्रों को किसी व्यक्ति के लिए अच्छा या बुरा नहीं ठहराते; हर नक्षत्र का अपना स्वभाव, शक्तियाँ और विकास-क्षेत्र हैं। अनुराधा के लिए ग्रंथ यह कहते हैं: वफ़ादार मित्र और शांत आयोजक — कठिन जगहों में भी आप कमल की तरह खिलते हैं। विकास की दिशा: केवल सहारा बनने के बजाय ख़ुद को भी सहारा लेने देना।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
आपका जन्म नक्षत्र वह है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था, इसलिए इसके लिए जन्म की तिथि, समय और स्थान चाहिए। JYOTISH.info की मुफ़्त कुंडली लाहिड़ी अयनांश से इसे चरण सहित दिखाती है। चंद्रमा लगभग रोज़ एक नक्षत्र बदलता है, इसलिए जन्म-समय के बिना नक्षत्र अनिश्चित हो सकता है, और ऐप उसे अनुमानित चिह्नित करता है।
अनुराधा का प्रतीक और देवता क्या हैं?
प्रतीक कमल है और देवता मित्र — मैत्री के देव। शास्त्र देवता के गुणों को नक्षत्र के स्वभाव से जोड़ते हैं।
इस पृष्ठ की हर स्थिति निरयन (सिडरियल) पद्धति से, लाहिड़ी अयनांश के साथ, astronomy-engine लाइब्रेरी (MIT लाइसेंस) से निकाली गई है। शास्त्र प्रवृत्तियों का वर्णन करते हैं; यह पृष्ठ मार्गदर्शन और आत्म-चिंतन के लिए है, कोई निर्णय नहीं, और किसी परिणाम का वादा नहीं। हमारी गणना कैसे होती है। कानूनी संदर्भ के लिए अंग्रेज़ी पाठ मान्य है; यह पृष्ठ वही बात हिंदी में कहता है। अक्टूबर 2026 में जाँचा गया.